Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.49
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.49
- Language
- Hindi
c4.49
कौटिल्य ने दस तरह के ऊनी कपड़ों का वर्णन दिया है जिनमें अधिकतर बिछाने के काम में आते थे । कंबल सब तरह के ऊनी कपड़ों के लिए एक साधारण शब्द है। शालों के कंबल को केवलक कहते थे, गजास्तरण को कुतभिसिका, वृषभास्तरण को सोमितिका, और अश्वास्तरण को तुरगास्तरण । रंगीन कंबल को वर्णक, पलंगपोश को तलिच्छक, खूब मोटे कंबल को बारवाण, हाथी के झूल को परिस्तोभ और हाथी के जांधों की रक्षा के लिए मोटे कंबल को समंतभद्रक कहते थे ।