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Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.51

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.51

Language
Hindi

c4.51

जंगली जानवरों के बालों से भी कपड़े बनते थे । ऐसे ही कपड़े से संपुटिका अथवा पाजामा बनता था । चतुरसिका के कौनों पर अलंकार होते थे, संबंडिका एक तरह की चादर होती थी । मोटे सूत से बनी चादर को कटवारक कहते थे और किनारेदार चादर को प्रावरक ।