Pracin Bharatiya Veshabhusha c6.s12.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c6.s12.1
- Language
- Hindi
c6.s12.1
ऋग्वेद५० और बाद के साहित्य में पहनने के कपड़ों के लिए साधारणतः वासस् शब्द का व्यवहार हुआ है। वसन५१ और वस्त्र५२ के भी वही माने होते हैं। वैदिक आर्य अपने कपड़े बड़े शौक से पहनते थे । सुवसन५३ का व्यवहार खूबसूरत कपड़ों तथा अच्छी तरह से पहने