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Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s14.1

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s14.1

Language
Hindi

c7.s14.1

आचारांग सूत्र९८ के अनुसार जैन साधु केवल तीन वस्त्र ग्रहण कर सकते थे, इनमें दो तो क्षौम की धोतियां (क्षौम कल्प) होती थीं और एक ऊनी चादर (और्णिक कल्प) । शीलांक अपनी टीका९९ में कहते हैं कि जाड़ों में जैन साधु ढाई हाथ वर्ग गज की दो कोपीनें और एक ऊनी वस्त्र ग्रहण कर सकते थे। जिस अवस्था में कपड़े साधुओं को मिलते थे उसी