Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s18.13
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s18.13
- Language
- Hindi
c7.s18.13
(१) पुटबद्ध—घुटने तक चढ़े हुए जूते । बुद्धघोस के अनुसार ये जूते यवनों के होते थे और ये जंघों से लेकर सब पैर को ढक लेते थे । सांची के एक अर्धचित्र में इसी तरह का जूता चित्रित किया गया है । बाद में वृहद् कल्पसूत्र भाष्य में इस जूते को जंघा अथवा खपुसा कहा गया है ।