Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s19.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s19.1
- Language
- Hindi
c7.s19.1
जूतों के सिवाय गृहस्थ काठ की पादुकाएं तथा तालपत्र ओर बांस की बनी चप्पलें भी पहनते थे।१२२। पर इनका व्यवहार भिक्षुओं के लिए वर्जित था। चप्पलें तृण, मूंज, हिंताल की लकड़ी, कमल, बल्वज नाम की घास और कंबल की बनती थीं। आज दिन भी भारत के ऐसे इलाकों में जहां आधुनिक सभ्यता पूरी तरह से नहीं घुस सकी है, घास और मूंज की बनी चप्पलें काम में लायी जाती हैं।