Pracin Bharatiya Veshabhusha c7.s21.6
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c7.s21.6
- Language
- Hindi
c7.s21.6
सूचिक और सूचिक नाली के उल्लेख चुल्लवग्ग में१२७ भी आते हैं। सूई की धार भोथरी न होने देने के लिए खाने में चूना, जोंका आटा, बालू तथा सिपिटक गोंद मिली हुई मोम का प्रयोग होता था।