Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s1.20
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s1.20
- Language
- Hindi
c8.s1.20
(९) शाकुला११—इस पर गोल चित्तियां (कोष्ठमंडल-चित्रा) पड़ती थी और इसमें कर्णिकाएं (कृतकर्णिकाजिनचित्रा) भी रहती थीं। गणपति शास्त्री की टीका के अनुसार इसकी चौड़ाई तीन हाथ अथवा आठ अंगुल होती थी।