Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s5.17
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s5.17
- Language
- Hindi
c8.s5.17
९—परिस्तोम३५—शामा शास्त्री की टीका में इसका अर्थ एक बड़ा कंबल है। गणपति शास्त्री की टीका में इस शब्द का विस्तारपूर्वक अर्थ दिया हुआ है। 'कंबलभेदो विस्तारचित्रः यो विस्तृतवदवभासस्ते निर्माणवैचित्र्याद् स इति व्याचक्षते, कुथ इति त्वेके' 'नक्काशीदार बड़ा कंबल, निर्माण वैचित्र्य से बड़ा लगने वाला कंबल, कोई इसे कुथ भी कहता है।' लगता है कि परिस्तोम का व्यवहार झूल के लिए होता था।