Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s5.19
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s5.19
- Language
- Hindi
c8.s5.19
(१०) समंतभद्रक३६—शामा शास्त्री की टीका के अनुसार यह हाथी के पीठ पर डाले जाने वाला कोई आस्तरण विशेष था। गणपति शास्त्री अपनी टीका में इस शब्द का अर्थ करते हैं समंतभद्रकं सन्नाहपट्ट, गजादिघनत्राणं इत्यपरे—'समंतभद्र रुईदार वस्त्र है, दूसरों के अनुसार हाथी की जांघों की रक्षा के लिए एक विशेष वस्त्र'।