Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s7.6
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s7.6
- Language
- Hindi
c8.s7.6
(५) प्रावरक४४—गणपति शास्त्री की टीका में इस शब्द की व्याख्या है—पूर्वोक्त एवान्यतरतो दशो रोमातंकइति तद्देश प्रसिद्ध इति स्वामी, 'पूर्वोक्त तरह की शायद किनारे वाली चादर, 'स्वामी का कथन है कि देशी में इसे रोमावर्तक कहते थे।'