Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s8.15
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s8.15
- Language
- Hindi
c8.s8.15
पत्रोर्ण५१—पत्रोर्ण से बने वस्त्रों के नाम भिन्न भिन्न देशों के नाम पर जहां वे बनते थे अवलंबित हैं। मगध में बना कपड़ा मागधिका पुंडु में बना पौंड्रर्क और सुवर्णकुड्या में बना सौवर्णकुड्यका कहलाता था । पत्रोर्ण नाग, लिकुच, बकुल और वट वृक्षों की छालों से निकले रेशे से बनता था । नाग वृक्ष से बने पत्रोर्ण का कपड़ा पीला होता था, लकुच का गेहुएं रंग का, बकुल का सफेद रंग का तथा दूसरे वृक्षों के रेशों से बना कपड़ा मक्खन के रंग का होता था। इन सब में सुवर्णकुड्या में बना पत्रोर्ण सब से अधिक अच्छा होता था ।