Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s9.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s9.1
- Language
- Hindi
c8.s9.1
सब तरह के नमदों, समूरों, ऊनी, सूती, रेशमी और रेशों से बने कपड़ों के वर्णन के बाद कौटिल्य कोषाध्यक्ष के, जिसके अधिकार में कपड़े रहते थे, कर्तव्यों पर प्रकाश डालता हूं। कौटिल्य के अनुसार कोषाध्यक्ष को भिन्न भिन्न ऋतुओं और अवसरों पर पहने जाने वाले (देशकालपरिभोग) कपड़ों का तथा कीड़े मकोड़ों और चूहों से उनकी रक्षा का ज्ञान होना आवश्यक था ।५५