Pramāṇa · Search · About · API

Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s9.17

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s9.17

Language
Hindi

c8.s9.17

जो स्त्रियां प्रातःकाल सूत्रशाला में सूत लेकर हाजिर होती थीं उन्हें कताई की मजदूरी मिल जाती थी। इस आदान-प्रदान को भांडवेतनविनिमय कहते थे। सूत्रशाला में, उस समय केवल इतनी ही रोशनी होती थी जिससे सूत्राध्यक्ष सूत देख सके। स्त्रियों के देखने या बात करने पर सूत्राध्यक्ष दंड का अधिकारी होता था। काम की मजदूरी न देने पर अथवा अघबने काम की मजदूरी देने पर भी सूत्राध्यक्ष दंड का भागी होता था।६३ कारखाने म काम न करने वालों को गहरा दंड दिया जाता था। जो स्त्रियां मजदूरी लेकर भी काम नहीं करती थीं उनके अंगूठे काट दिये जाते थे। माल-मसाला लेकर भाग जाने वालों को भी यही दंड मिलता था६४। अपराध के छुटाई बड़ाई के अनुपात में बुनकरों की मजदूरो जुर्माने के रूप में काट ली जाती थी६५।