Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s9.19
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s9.19
- Language
- Hindi
c8.s9.19
शुल्काध्यक्ष के कर्तव्यों के वर्णन के प्रसंग में हमें उन वस्त्रों का उल्लेख मिलता है जिन पर मौर्ययुग में चुंगी लगती थी। ये वस्त्र क्षौम, दुकूल और रेशम के बने होते थे। इनके सिवाय दुकूल, क्षौम, आस्तरण, प्रावरण, रेशम (कृमिजात), ऊनी कंबल और परमीना बनाने के साधनों पर भी उनके मूल्य की १/१० से लेकर १/१५ तक चुंगी लगती थी६६।