Pracin Bharatiya Veshabhusha c8.s9.3
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c8.s9.3
- Language
- Hindi
c8.s9.3
हम ऊपर देख आये हैं कि इस देश के भिन्न भिन्न भागों में कौन कौन से कपड़े मौर्य काल में बनते थे । इन कपड़ों के सिवाय राज्य का निज का बुनने का कारखाना सूत्राध्यक्ष के जिम्मे होता था । वह कारखाने में अच्छे सूत कातने वाले, वर्म बनाने वाले, कपड़े और रस्सियां बनाने वाले कारीगर रखता था । विधवाएं, अपाहिज, लड़कियां, भिखमंगिनें, वृद्धा वेश्याएं, जुर्माना अदा करने के लिए काम करती हुई स्त्रियां, वृद्धा राजपरिचारिकाएं, तथा देवदासियां ऊन, वल्क, कपास, तूल, सन और क्षोम कातने के लिए रक्खी जाती थीं५६।