भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s2.21
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s2.21
- Language
- Hindi
c25.s2.21
'यूरोप में शून्यसहित यह पूरा [अंक]क्रम ई. स. की १२ वीं शताब्दी में अरबों से लिया गया और इस क्रम से बना हुआ अंकगणित 'अल्गोरिद्मस्' (अल्गोरिथम्) नाम से प्रसिद्ध हुआ. यह (अल्गोरिद्मस्) विदेशी शब्द 'अल्खारिज़्मी' का अक्षरांतर मात्र है जैसा कि रेनाड ने अनुमान किया था, और उक्त अरब गणितशास्त्रवेत्ता के अनुपलब्ध अंकगणित के पुस्तक के केंब्रिज से मिले हुए अद्वितीय हस्तलिखित लैटिन अनुवाद के, जो संभवतः बाथ-निवासी ऐडेतहर्ड का किया हुआ है, प्रसिद्ध होने के बाद वह (अनुमान) प्रमाणित हो गया है. खारिज़्मी के अंकगणित के प्रकारों को पिछले पूर्वीय विद्वानों ने सरल किया और उन अधिक सरल किये हुए प्रकारों का पश्चिमी यूरोप में पीसा के लेओनार्डो ने और पूर्वी में मेक्सिमम् प्लैनुडेस ने प्रचार किया. 'ज़िरो' शब्द की उत्पत्ति अरबी के 'सिफर' शब्द से, लिओनार्डो के प्रयुक्त किये हुए 'ज़िफिरो' शब्दद्वारा, प्रतीत होती है१'.