भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c27.16
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c27.16
- Language
- Hindi
c27.16
बंगला लिपि—बंग ( बंगाल ) देश की लिपि होने के कारण इसको बंगला कहते हैं. प्राचीन बंगला लिपि प्राचीन पूर्वी नागरी से निकली है (देखो, ऊपर पृ. ४३) और उसीमें परिवर्तन होते होते वर्तमान बंगला लिपि बनी. इस लिपि में नागरी के समान अक्षर पूर्ण हैं और इसका साहित्य भारतवर्ष की सब भाषाओं के साहित्य से बढ़ा हुआ है जिसका कारण यही है कि भारतवर्ष में सर्वोर अंग्रेजी का राज्य सब से पहिले बंगाल में हुआ जिससे विद्या का सूर्य वहां सबसे पहिले फिर उदय हुआ. यह लिपि सारे बंगाल और आसाम में प्रचलित है. पहिले संस्कृत पुस्तक भी इसमें छपने लग गये थे परंतु अब वे बहुधा नागरी में ही छपते हैं. बंगभाषा के पुस्तक आदि ही इसमें छपते हैं.