भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s8.11
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s8.11
- Language
- Hindi
c30.s8.11
शब्द१ मिलते हैं. वर्तमान लेखनशैली के अनुसार उनमें पदच्छेद अर्थात् प्रत्येक शब्द का अलग अलग लिखना नहीं मिलता परंतु पंक्ति की पंक्ति बिना स्थान छोड़े लिखी जाती थी. कभी कभी शब्द अलग अलग भी लिखे मिलते हैं२ परंतु किसी नियम से नहीं. विराम के चिह्नों के लिये केवल एक और दो खड़ी लकीरों (दंड) का बहुधा प्रयोग होता था३. श्लोकार्ध बतलाने अथवा शब्दों या वाक्यों को अलग करने के लिये एक, और श्लोकांत या विषय की समाप्ति के लिये दो खड़ी लकीरें बहुधा बनाई जाती थीं४. कहीं कहीं प्रत्येक पंक्ति में आधा या एक श्लोक ही लिखा हुआ मिलता५ है और कभी कविताबद्ध लेखों में श्लोकांक भी पाये जाते हैं६. कभी अंत में अथवा एक विषय की समाप्ति पर कमल७, फूल८, वृत्त९ या कोई अन्य चिह्न१० भी खोदा जाता था. लेखक जब