भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s8.24
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s8.24
- Language
- Hindi
c30.s8.24
२ बिल्हारी के लेख की पहिली पंक्ति [श्लोक १] में पहिले ‘० तोरगपतिः प्रस्फार०’ खुदा था परंतु पीछे से ‘०पीतः’ का विसर्ग टांकी से उड़ा दिया है तो भी नीचे की विंदी का कुछ अंश दीखता है (एं. इं; जि. १, पृ. २५४ के पास का प्लेट). उसी लेख की पांचवीं पंक्ति [श्लोक ६] में ‘लीलोल्लालितशार्वपर्वतपते०’ खुदा था परंतु पीछे से ‘शार्व’ के ‘शा’ के साथ लगी हुई ‘आ’ की मात्रा की सूचक खड़ी लकीर को तिरछी लकीर से काट दिया है. कणस्वा के लेख की १६ वीं पंक्ति में ‘यति- हीनंमथशब्दहीनं’ खुदा था परंतु पीछे से ‘मथ’ के दोनों अक्षरों के ऊपर पांच पांच छोटी खड़ी लकीरें बना कर उन्हें काट दिया है (इं. ऐं; जि. १६, पृ. ५८ के पास का प्लेट).