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भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s9.1

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s9.1

Language
Hindi

c31.s9.1

कलचुरि१ संवत् को ‘चेदि संवत्’२ और ‘त्रैकूटक संवत्’३ भी कहते हैं. यह संवत् किस राजा ने चलाया इसका कुछ भी पता नहीं चलता. डॉ. भगवानलाल इंद्रजी ने महाक्षत्रप ईश्वरदत्त को४ और डॉ. फ़्लीट ने अभीर ईश्वरदत्त या उसके पिता शिवदत्त५ को इसका प्रवर्तक बतलाया है. रमेशचंद्र मजुमदार ने इसको कुशन(तुर्क)वंशी राजा कनिष्क का चलाया हुआ६ मान कर कनिष्क, वासिष्क, हुविष्क और वासुदेव के लेखों में मिलनेवाले वर्षों का कलचुरि संवत् का होना अनुमान किया है. परंतु ये सब अटकलें ही हैं और इनके लिये कोई निश्चित प्रमाण नहीं है.