भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c4.20
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c4.20
- Language
- Hindi
c4.20
हमारे यहां प्राचीन शोध का कार्य बहुत ही आवश्यक है और जितने अधिक विद्वान् उधर प्रवृत्त हों उतना ही अधिक लाभकारी होगा परंतु अभी तक उसमें बहुत ही कम विद्वानों की रुचि प्रवृत्त हुई है. इसका मुख्य कारण यही है कि तत्संबंधी साहित्य इतने भिन्न भिन्न पुस्तकों में बिखरा हुआ है कि बंबई, कलकत्ता जैसे बड़े शहरों को, जहां पर उत्तम पुस्तकालय हैं, छोड़ कर अन्यत्र उन सब पुस्तकों का दर्शन होना भी कठिन है.