भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c4.22
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c4.22
- Language
- Hindi
c4.22
इस बड़े ग्रंथ को देख कर कोई विद्वान् यह शंका न करें कि इतनी बहुत लिपियों का ज्ञान संपादन कर भारत के प्राचीन लेखादि का पढ़ना बहुत ही कठिन है, क्योंकि वास्तव में यह बात नहीं है केवल एक प्रारंभ की ब्राह्मी लिपि को समझते ही आगे के लिये मार्ग बहुत ही सुगम हो जाता है जिस का कारण यही है कि आगे की लिपियों में बहुत ही थोड़ा थोड़ा अंतर पड़ता जाता है जिससे उनके सीखने में अधिक श्रम नहीं पड़ता. मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि संस्कृतज्ञ विद्वान् छः मास से भी कम समय में इस पुस्तक के सहारे प्राचीन लिपियों के पढ़ने का ज्ञान अच्छी तरह