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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c4.28

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c4.28

Language
Hindi

c4.28

लिपिपत्रों में दिये हुए अक्षरों तथा अंकों का समय निर्णय करने में जिन लेखादि में निश्चित संवत् मिले उनके तो वे ही संवत् दिये गये हैं, परंतु जिनमें कोई निश्चित संवत् नहीं है उनका समय बहुधा लिपियों के आधार पर ही या अन्य साधनों से लिखा गया है जिससे उसमें अंतर होना संभव है; क्योंकि किसी लेख या दानपत्र में निश्चित संवत् न होने की दशा में केवल उसकी लिपि के आधार पर ही उसका समय स्थिर करने का मार्ग निष्कंटक नहीं है. उसमें पचीस पचास ही नहीं किंतु कभी कभी तो सौ दो सौ या उससे भी अधिक वर्षों की चूक हो जाना संभव है ऐसा मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं.