भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.163
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.163
- Language
- Hindi
c7.163
ऊपर हम बतला चुके हैं कि ई. स. पूर्व छठी शताब्दी के आस पास पाठशालाएं विद्यमान थीं. पाणिनि और यास्क के समय अनेक विषयों के ग्रंथ विद्यमान थे. उनसे पूर्व ब्राह्मण और वेदों के समय में भी व्याकरण की चर्चा थी, छंदःशास्त्र बन चुके थे, अंकविद्या की अच्छी दशा थी, वेदों के अनुव्याख्यान भी थे, गणक (गणित करने वाले) होते थे, जानवरों के कानों और जुए के पासों पर अंक भी लिखे जाने थे, जुए में हारे या जीते हुए धन का हिसाब रहता था और समय के एक सेकंड के १७ वें हिस्से तक के सूक्ष्म विभाग बने हुए थे; ये सब लिखने के स्पष्ट उदाहरण हैं.