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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.162

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.162

Language
Hindi

c7.162

लिखना न जानने की दशा में भी छंदोबद्ध मंत्र, गीत, भजन आदि बन सकते हैं और बहुत समय तक वे कंठस्थ भी रह सकते हैं परंतु उस दशा में बड़े बड़े गद्यग्रंथों का बनना और सैंकड़ों बरसों तक उनका अक्षरशः कंठ रहना किसी तरह संभव नहीं. वेदों की संहिताओं में कितना एक अंश और ब्राह्मणों का बहुत बड़ा भाग गद्य ही है और वे वेदों के टीकारूप हैं. लिखना न जानने और वेदों के लिखित पुस्तक पास न होने की दशा में ब्राह्मण ग्रंथों आदि की रचना की कल्पना भी असंभव है.