भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.175
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.175
- Language
- Hindi
c7.175
श्लोकबद्ध कोशों को देख कर यदि कोई यह अटकल लगावे कि इनकी रचना के समय लेखप्रणाली न थी अथवा लेखनसामग्री की कमी थी, या लीलावती के श्लोकबद्ध नियमों और उदाहरणों से यह कहा जाय कि हिसाब ज़बानी ही होते थे तो यह कहना वैसा ही है जैसा कि यह कहना कि व्याकरण के सूत्र, कल्पसूत्र, ब्राह्मण तथा वेदों तक की रचना ज़बानी ही हुई. रचनाकाल में सब ग्रंथ विचारपूर्वक लिखकर ही बनाये गये, केवल अध्ययनप्रणाली में कंठस्थ करना ही मुख्य समझा जाता था.