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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.94

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.94

Language
Hindi

c7.94

पाणिनि से पूर्व यास्क१३ ने निरुक्त लिखा जिसमें औदुंबरायण, क्रौष्टुकी, शतबलाक्ष मौद्गल्य, शाकपूणि, शाकटायन, स्थौलाष्ठीवी, आग्रायण, औपमन्यव, और्णवाभ, कात्थक्य, कौत्स, गार्ग्य, गालव, चर्मशिरस्, तैटीकि, वाष्र्यायणि और शाकल्य नामक वैयाकरणों और निरुक्तकारों के नाम और मत का उल्लेख मिलता है१४, जिनमें से केवल गार्ग्य, शाकटायन, गालव और शाकल्य के नाम पाणिनि में मिलते हैं, जिससे अनुमान होता है कि पाणिनि और यास्क के पूर्व व्याकरण और निरुक्त के बहुत से ग्रंथ उपलब्ध१५ थे, जिनमें से अब एक भी उपलब्ध नहीं है.