भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.138
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.138
- Language
- Hindi
c8.138
इस कल्पना का मुख्य आधार एरण का सिक्का ही है, क्योंकि अब तक कोई शिलालेख इस देश में ऐसा नहीं मिला कि जिसमें ब्राह्मी लिपि फ़ारसी की नांई उलटी लिखी हुई मिली हो५. किसी सिक्के पर लेख का उलटा आ जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि सिक्के पर उभरे हुए अक्षर सीधे आने के लिये सिक्के के ठप्पे में अक्षर उलटे खोदने पड़ते हैं अर्थात् जो लिपियां बाईं ओर से दाहिनी ओर (जैसे कि ब्राह्मी और उससे निकली हुई सब लिपियां और अंगरेज़ी भी) लिखी जाती हैं उनके ठप्पों में सिके की इबारत की पंक्ति का आरंभ दाहिनी ओर से करके प्रत्येक अक्षर उलटा खोदना पड़ता है, परंतु यदि खोदनेवाला इसमें चूक जाय और ठप्पे पर बाईं ओर से खोदने लग जाय तो सिक्के पर सारा लेख उलटा आ जाता है, जैसा कि एरण के सिक्के पर पाया जाता है. यदि वह एक