भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.150
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.150
- Language
- Hindi
c8.150
प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता डॉ. हूल्श (Hultzsch) ने लिखा है९ कि ‘बूलर एरण के सिक्के को, जिस पर के अक्षर दाहिनी ओर से बाईं ओर हैं, ब्राह्मी के सेमिटिक लिपि से निकलने का प्रमाण मानता है; इसमें मैं उससे सहमत नहीं हो सकता. यह जानी हुई बात है कि सिक्के पर अक्षर ठीक आने के लिये ठप्पे पर उनको उलटा खोदना चाहिये; इस बात को हिन्दुस्तानी ठप्पा खोदने वाले अक्सर भूल जाते हैं.’ डॉ. फ्लीट१० ने भी ऐसा ही मत प्रकट किया है.