भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.54
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.54
- Language
- Hindi
c8.54
यह तो निश्चित है कि चाहे जिन दो लिपियों की वर्णमालाओं का परस्पर मिलान करने का उद्योग किया जावे तो कुछ अक्षरों की आकृतियां परस्पर मिल ही जाती हैं चाहे उनके उच्चारणों में कितना ही अंतर क्यों न हो. यदि ब्राह्मी लिपि का वर्तमान उर्दू लिपि के टाइप (छापे के अक्षरों) से मिलान किया जावे तो ब्राह्मी का ‘र’ [Page: vertical stroke representing Brahmi letter ra] (अलिफ़) से, ‘ज’ ع (ऐन) से, और ‘ल’ ل (लाम्) से मिलता हुआ है. इसी तरह यदि ब्राह्मी का वर्तमान अंग्रेज़ी (रोमन) टाइप से मिलान किया जावे तो 'ग' A (ए) से, 'ध' D (डी) से, 'ज' E (ई) से, 'र' । (आइ) से, 'त' J (जे) से, 'उ' L (एल) से, 'ठ' O (ओ) से, 'प' U (यू) से, 'क' X (ऐक्स) से और 'ओ' Z (ज़ेड्) से बहुत कुछ मिलता हुआ है. इस प्रकार उर्दू के तीन और अंग्रेज़ी के दश अक्षर ब्राह्मी से आकृति में मिलने पर भी यह नहीं कहा जा सकता कि ब्राह्मी लिपि उर्दू या अंग्रेज़ी से निकली है क्यों कि समान उच्चारण वाले एक भी अक्षर में (सिवाय उर्दू के 'लाम्' ل और ब्राह्मी के 'ल' के) समानता, जो लिपियों के परस्पर संबंध को निश्चय करने की एक मात्र कसौटी है, पाई नहीं जाती.