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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.72

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.72

Language
Hindi

c8.72

३ इस नक्शे में दस खड़ी पंक्तियां बनाई गई हैं, जिनमें से पहिली पंक्ति में सेमिटिक वर्णमाला के अक्षरों के नाम तथा उनकी ध्वनि के सूचक अक्षर नागरी में दिये हैं; दूसरी पंक्ति में मिसर की हिअरेटिक लिपि के अक्षर दिये हैं (ए. ब्रि; जिल्द १, पृ. ६०० से-नवां संस्करण); तीसरी में प्राचीन फ़िनिशिअन् अक्षर (ए. ब्रि; जि. १, पृ. ६०० से); चौथी में मोअब के राजा मेशा के ई.स. पूर्व की नवीं शताब्दी के शिलालेख से फ़िनिशिअन् अक्षर (ए. ब्रि; जि. ३३, पृ. ६०२ से-दसवां संस्करण); पांचवीं में हिमिअरिटिक लिपि के अक्षर (ए. ब्रि; जि. ३३, पृ. ६०२ से); छठी में सक्कारा (मिसर में), तीमा (अरब में) आदि के ई. स. पूर्व की पांचवीं शताब्दी के शिला लेखों से अरमइक् अक्षर (इं. ऐं; जि. २४, पृ. २८६ के सामने के सेट से); सातवीं में मिसर के पपायरसों से अरमइक् अक्षर (इं; ऐं; जि. २४, पृ. २८६ से); आठवीं में डॉ. सर जॉन मार्शल के उद्योग से तक्षशिला से मिले हुए ई. स. पूर्व की चौथी शताब्दी के अरमइक् लेख के फ़ोटो (ज. रॉ. ए. सो; ई.स. १६१५, पृ. ३४० के सामने के सेट) से अक्षर छांटे गये हैं; नवीं में समान उच्चारण वाले खरोष्ठी अक्षर अशोक के लेखों से लिये हैं; और दसवीं में समान उच्चारण वाले ब्राह्मी लिपि के अक्षर अशोक के लेखों से उद्धृत किये गये हैं.