भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.73
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.73
- Language
- Hindi
c8.73
४ जैसे अंग्रेजी में C (सीं), K (के) और Q (क्यू) ये तीन अक्षर 'क' की ध्वनि के सूचक हैं और उर्दू में 'से' ث 'सीन्' س और 'स्वाद' ص 'स' की ध्वनि के सूचक हैं ऐसे ही फ़िनिशिअन् अक्षरों में भी आठ अक्षर ऐसे हैं जो चार ही उच्चारण का काम देते हैं अर्थात् 'हे' और 'हेथ' (जिससे अरबी का 'हे' ح और अंग्रेजी का H 'एच' निकला) इन दोनों से 'ह'; 'तेथ' (जिससे अरबी का 'तॉय' ط) और 'ताव' (जिससे 'ते' ت निकला) दोनों से 'त'; 'काफ्' और 'क़ॉफ्' से 'क', ऐसे ही 'सामेख' (जिससे अरबी का सीन س) और 'त्साधे' (जिस से 'स्वाद' ص निकला) से 'स' का उच्चारण होता है; जिससे फ़िनिशिअन् २२ अक्षर ब्राह्मी के १८ उच्चारणों का ही काम दे सकते हैं.