भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c9.56
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c9.56
- Language
- Hindi
c9.56
ई. स. की तीसरी शताब्दी के आस पास तक इस लिपि का कुछ प्रचार पंजाब में१ बना रहा, जिसके बाद यह इस देश में से सदा के लिये अस्त हो गई और इसका स्थान ब्राह्मी ने ले लिया, तो भी हिंदुकुश पर्वत से उत्तर के देशों तथा चीनी तुर्किस्तान आदि में, जहां बौद्ध धर्म और भारतीय सभ्यता दृढ़ हो रही थी, कई शताब्दी पीछे तक भी इस लिपि का प्रचार बना रहा. प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता डॉ. सर ऑरल स्टाइन ने चीनी तुर्किस्तान आदि प्रदेशों से असाधारण श्रम कर जो प्राचीन वस्तुएं एकत्रित की हैं उनमें इस लिपि में लिखे हुए पुस्तक और लकड़ी की लिखित तख्तियां आदि बहुमूल्य सामग्री भी है.