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Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.9

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.9

Language
Hindi

c13.9

अवसर पर (करीब ४५५ ई०) तो हूण हारे, पर थोड़े ही समय के लिए । उनके आक्रमणों का तांता जारी ही रहा और स्कंदगुप्त की मृत्यु के उपरान्त गुप्त-साम्राज्य का अंत हो गया । स्कंदगुप्त के बाद भी कुछ गुप्त वंशज राजाओं का पता हमें सिक्कों और लेखों से लगता है पर इनका ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्त्व नहीं है । युवानच्वांग के कथनानुसार हूणों को जो थोड़े दिनों के लिए गुप्त-साम्राज्य के अधिकारी बन बैठे थे बालादित्य ने हराया । इस महान् पराक्रम का श्रेय यशोधर्मन् नाम का राजा भी ५३३-५३४ ई० के बीच के अपने एक अभिलेख में लेता है ।