Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s3.2
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s3.2
- Language
- Hindi
c13.s3.2
उत्तर भारत में हूणों के पतन और गुप्तों के पुनः अपनी शक्ति को प्राप्त करने में असफल होने से बहुत से राज्यों का उदय हुआ जिनमें वलभी, चालुक्य, मौखरी, बाद के गुप्त तथा थानेश्वर के वर्धन जिन्होंने बाद के इतिहास में काफी स्थान पाया मुख्य थे। सातवीं शताब्दी के उत्कर्ष का युग श्री हर्ष का राज्यकाल (६०५-६४० ई०) था। श्री हर्ष एक कुशल शासक, कलाप्रेमी और साहित्यिक थे, इनके दरबार में इनके जीवनी लेखक बाण भट्ट हुए। हर्ष के समसामयिक दक्षिण के चालुक्य राजा पुलिकेशिन् हुए जिनके समय में