Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s3.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s3.1
- Language
- Hindi
c13.s3.1
पुनः इतिहास की कड़ी पकड़ते हुए हमें पता लगता है कि गुप्तों के समसामयिक दक्खिन के शासक वाकाटक थे। पांचवीं शताब्दी के पहले भाग में गुप्त-साम्राज्य ओर सुदूर दक्खिन के राज्यों के बीच में वाकाटक साम्राज्य दक्खिन में सब से मजबूत राज्य थे। अपने समय में वाकाटक साम्राज्य दक्खिनी ओर उत्तरी भारत के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का साधन था। इस वंश का छठवीं शताब्दी के मध्य में अंत हो गया। अजंटा से मिले वाकाटक लेख भारतीय कला के इतिहास के काल क्रम को ठीक करने में अपना एक विशेष स्थान रखते हैं। दक्षिण में वेश-भूषा का इतिहास भी हमें अजंटा के भित्तिचित्रों से मिलता है। जब हम दक्षिण की वेश-भूषा की तुलना गुप्तयुग की वेश-भूषा से करते हैं तो हमें पता चलता है कि गुप्तकालीन पहिरावा दक्षिण तक चला गया था ओर थोड़े से स्थानिक भेदों को छोड़ कर सारे भारत में एक ही सा था।