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Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s7.13

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s7.13

Language
Hindi

c13.s7.13

वत्थं कीरंति' अर्थात् तोसलिविषय में ऋषितडाग के पास बकरियों के खुरों में एक तरह की सेवार फंस जाती है उसी से आजक बनता है । मतलब यह है कि ओड़ीसा में एक ऐसी सेवार होती थी जिससे आजक बनता था । वास्तव में चूर्णिकार को आजक के ठीक अर्थ का पता नहीं था, पर अर्थ करना जरूरी था और इसीलिए उसने कोरी कल्पना कर दी ।