Pracin Bharatiya Veshabhusha c15.118
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c15.118
- Language
- Hindi
c15.118
कुश, शायद रेशम, २३ कुशचीर, कुश से बने कपड़े, ३१, ३५ कुसि, तिरछे बल सिलाई, ४५ कुसूलक, घाघरा, १७६ कूर्पासिक, चोली, १६, १५८, १६१, १६१, १९४, १६५, १६८, २०२, २०६, २१६ कृतप्रमाण, ठीके पर बुना कपड़ा, ५७ कृमिजात, रेशम, ५८ कृमितान, रेशम, ५७ कृमिराग, लाल रेशमी कपड़ा, १४८ कृष्णवड्ड, काले किनारे, २४ कृष्णसंवास, ब्रात्यों का काला कपड़ा, २३ कृष्णाजिन, यज्ञ में व्यवहार, ११-१२, केचुलक, ग्वालों का कंबल, ५२ केशप्रतिग्रह, १७५ केसकंबल, ३५ कोजव, थुलमा, ३४ कोटंब, १५६ कोट, ९९, १०३, १०९, ११०, १६१, १८५, १९०, १९४, २०२, २०७, २१४, २१५ कोटुंबर, शायद पठानकोट का कपड़ा, ३१, १५६ कोठपरिमंडल चित्रा, समूर पर गोल घिसियां, ४९ कोथव, रोएंदार कंबल, १५०, १६८ कोशकार, एक प्रदेश जहां रेशमी कपड़ा बनता था, ६१ कोशा, एक तरह का जूता, १७२ कोशिकारक, नक्काशीदार रेशमी कपड़ा, २५ कोसेय्य, रेशमी कालीन, ३३ कोटुंबर, कोटुंबरदेश का कपड़ा, ३१ कौमकेस, गोपिक का यूनानी रूपांतर, ३२ कौपीन, ३, ३६, १५५, १६२ कौशिक, रेशमी कपड़े, ६०-६१ कौशिकार, रेशमी वस्त्र, १६४ कौशेय, २५-२६, ५६, ९५, १४६; -प्रावार, ३७ क्रमनिका, जूते, १७३ क्रोडज, रेशमी कपड़ा १४५ क्षणोत्सविक, उत्सवों पर पहने जाने वाले कपड़े, १६३
Cites (1)
- Kauṭilīya Arthaśāstra — Kauṭilya, Sanskrit