Pracin Bharatiya Veshabhusha c15.119
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c15.119
- Language
- Hindi
c15.119
खोभ, अतसी की छाल के रेंगे से बना कपड़ा, १३, १४, २६, २८; बनारस का, ३०; ५५, ५८, ९७, १४७, १५७, १६२; -कल्प, जैन साधुओं का एक वस्त्र ३६; - वासस, २८; -साटो, ३७ खंड-संघात्य, पट्टियों को जोड़कर बने रूमाल, ९१ खचित, बुने अलंकार, १७, ५०-५१ खपुसा, एक तरह का जूता, ३९, १७२, १७९, १८५ खल्लकबध, एक तरह का जूता, ३९; खल्लका, १७२, १९८ लोमिय, खोम, १४५, १४६ खोव, १८६, २०६ गंडोपधान, तकिया, १६८ गंघार, भेड़ों के लिए प्रसिद्ध, १०, ऊनी वस्त्र के लिए प्रसिद्ध, २७ गज्जफल, एक तरह का कपड़ा, १५० गात्रिका, शाल, १५८ गिधेय्यक, कालर, ४५ गुलक, तशनी, ३५ गूल, सूत का गोला, २७ गेंजेटिक, डाके की मलमल, ६१, ९४ गोचर्म, पहनने की वैदिक प्रथा, ११ गोजक, बकरे के बाल का आस्तरण ३२ गोपालकंपुक, १६८ घंटिका, एक तरह का अलंकार, १५३ घघरी, २३, १०३, १०८, १६७, २१२, २२०, २२४, २२५, २२८, २२९, २३१
Linked texts (1)
- Kauṭilīya Arthaśāstra — Kauṭilya, Sanskrit