Pracin Bharatiya Veshabhusha c15.134
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c15.134
- Language
- Hindi
c15.134
यथाकृत, असंसिले कपड़े, १६४, १६५ यमली, धोती दुपट्टा, १०२ योक्त्र, कमर में बांधने की रस्सी, २२ योतपट्ट, ६९, १५८ रंकु, पश्मीने का बकरा, ५९ रंग, पश्मीने का बकरा, १४५ रंग, कपड़े रंगने के, ३४, ५८, १७७ रफू, ४४, ४६; —कारी, ४६ रल्लतक, कंबल, १५३, १५५ रसना, वस्त्र पर पहनने की प्रथा, २२ रांकव, पश्मीना, २०, ५७, ५९, १४५, १४६, १४७; —कंट, ५९, १४५ राजद्वारक, राजद्वार के कपड़े, १६३ रूमाल, ५१, ७२, ८५, ९६, १०८, ११९, १३२, १३५, १४७, १६०, १६५, १९४, २०२, २०३, २०६, २११, २२१, २२४, २२८, २२९, २३० रेक, एक तरह का सिला कपड़ा, १७७ रेशम, २३, २६, ५७, ५८, ५९, ६७, १०१ रेशमी कपड़े, २७, ३०, ५५, ५६, ६०, ६१, ९५, ९९, १५५-५६, १७५-७६ रेशमी बुनकर, मंदसोर के, १५५ रोमावर्तक, चादर, ५४ लंगोट, २६ लंगोटी, ५, १७, १९५, १९८ लंबरा, एक तरह की चादर, ५४ लहंगा, १५८, २१२, २२४, २२५ लालातंतुक, १५७ लासिय, १४१ लेखा, समूर पर की धारियां, ४८ लोहित वासस्, लालवस्त्र, २३ लौसिय, १४१ वंग, वहां के कपड़े, ६० से वन्यानि, वाणंवर, १५३ वर्टरिणापाद, एक तरह का जूता, २० वह्न, करघे की डोर, २६ वहग, टसर, १५३ वन्य शिरस्त्राण, ५२ वयति बुनना, २१ वर्णक, रंगीन कंबल, ५२ वर्णयुत, रंग के अनुसार वस्त्रभेद, १६६ वर्षवारण, बरसाती, ५३ वलक्ष, सफेद चमड़ा, १२ वलिस, हुक, ४२ वलूकांतानि, लाल किनारे, २३ वल्कल, ३१, ९९, १३५, १४४ वसिति, किनारा, १५४ वसन, १५, १५४ वस्त्र, १५, २०, २१, २२, ३१, ३२ से; पर अलंकार, ३६; वस्त्रविर्जनसाधन द्रव्य, कपड़े रंगने के साधन, ५८; १०१; —राग, १०२