Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.124
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.124
- Language
- Hindi
c4.124
गुप्तयुग में बहुत तरह के महीन, छपे हुए और नक्काशीदार कपड़े बनते थे जिनमें चारखाने, डोरिये, हंस मिथुन इत्यादि मुख्य थे। अभाग्यवश इस युग के साहित्य में कपड़ों के छिटपुट वर्णन आये हैं; पर बाण-भट्ट की कादंबरी और हर्षचरित से तथा जैन छेद सूत्रों से तत्कालीन कपड़ों के वर्णन मिल जाते हैं। वस्त्र चार विभागों में बंटे थे यथा वल्कल, फल, कोशेय और रांकव । रांकव पश्मीना था, जो पामीर के प्रदेश से आता था।