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Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.137

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.137

Language
Hindi

c4.137

जैन साधु ऊंट के बाल, भांग के रेशे, ताल के पत्ते, सन, ऊन, बकरे के रोएं इत्यादि से बने कपड़े पहन सकते थे । इनके कपड़े प्रमाणवत्, सम, स्थिर और रुचिकारक होते थे । उन्हें सूती और उससे न मिलने