Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.141
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.141
- Language
- Hindi
c4.141
साधारण नागरिकों की तरह जैन साधु निम्नलिखित चादरों और उपधानों का उपयोग नहीं कर सकते थे—कोयव (रोयेदार कंबल), प्रावार (रजाई), पूरिका (पाटकी बनी चादर), विरलिका (तो सूती), उपधान (परों से भरी तकिया), तूलि (अर्क तूलसे भरी तकिया), आलिंगनिका (गाब तकिया), मसूरक (गोल गद्दी), गंडोपधान (सिर के नीचे एक तरफ रखने की तकिया) ।