Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.152
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.152
- Language
- Hindi
c4.152
गोल्ली के अर्ध चित्रों से पता लगता है कि गुप्तयुग के पहले दक्षिण भारत की वेश-भूषा अमरावती के आमो वेश-भूषा से बहुत भिन्न न थी । उच्च पदस्थ लोग घुटने तक की धोती और जूड़ी से निकलता हुआ कमरबंद पहनते थे । एक जगह एक राजकुमार चुनी धोती, पेटी कमरबंद और शीर्षपट्ट युक्त पगड़ी पहने है । घर में भी लोग कमरबंद पहनते थे । युद्ध-यात्रा के समय सिपाही अपनी धोती कमरबंद से खोंस लेते थे । अक्सर सिपाही धोती, कमरबंद अथवा पगड़ी, कंचुक और धोती पहनते थे । अफसर लोग लांगदार धोती पहनते थे । पगड़ी स्थिर रखने के लिए पीछे कभी-कभी चौपतिया काँटा लगा होता था । ब्राह्मण धोती और वैकक्ष्य और प्रतिहारी कंचुक, ऊंची टोपी और वैकक्ष्य पहनते थे । गोल्ली में एक जगह एक स्त्री टोपो पहने दिखलायी गयी है ।