Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.17
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.17
- Language
- Hindi
c4.17
बहुत प्राचीन युग में आर्य गोचर्म पहनते थे, पर बाद में गायों की आर्थिक उपयोगिता देखते हुए यह प्रथा छोड़ दी गयी। कृष्णाजिन बहुत पवित्र माना जाता था और यज्ञादि के अवसरों पर पहना जाता था। बकरों की खालें भी ओढ़ी जाती थीं। इस देश की जंगली जातियां और व्रात्य भी चमड़ों के कपड़े पहनते थे।