Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.35
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.35
- Language
- Hindi
c4.35
बौद्ध भिक्षु और भिक्षुणियों के वस्त्र यथा संघाटी, अन्तरवासक और उत्तरासंग एक होते थे। इन तीनों के सिवाय, प्रत्यस्तरण, कंडूष प्रतिच्छ दन, आयोपपट्ट, कायबंध का भी वे उपयोग कर सकते थे। कायबंध के किनारों पर पट्टियां लगी होती थीं और सकरपारेदार तगानी का काम । वस्त्रों में भिक्षु तुक मेक लगा सकते थे । अलंकृत वस्त्रों के पहनने की आज्ञा उन्हें नहीं थी ।