Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.36
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.36
- Language
- Hindi
c4.36
बौद्ध भिक्षु अपने कपड़े स्वयं बुन सकते थे । करघे को तंतक, ढरकी को वेमक, टट्टी को शलाका, और डोर को वट्ट कहते थे ।
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.36
बौद्ध भिक्षु अपने कपड़े स्वयं बुन सकते थे । करघे को तंतक, ढरकी को वेमक, टट्टी को शलाका, और डोर को वट्ट कहते थे ।