Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.44
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.44
- Language
- Hindi
c4.44
काटने, सीने और रफू करने के भी बहुत से शब्द आये हैं, पर इनका ठीक-ठीक अर्थ समझना आसान नहीं है। कटाई के लिए कपड़े पर नख से बने निशान को उल्लिखित, लंगर से जुटे कपड़े के टुकड़ों को बंधन, संवान में मोड़ देकर लंगर की सिलाई को ओवट्टियकरण, बड़े टुकड़ों से छोटे कपड़ों को जोड़ने को कंडुसकरण, प्योंदा लगने अथवा फटन सीने के लिए दढ़िकरण, बटाईदार सिलाई को अनुवातकरण, बगल और पीछे की सिलाई को अनुवातकरण, कुछ जगहों की मोहरी सिलाई को ओवट्ठेयकरण, तिरछेवल की सिलाई को कुत्ति, आधी दूर तिरछे बल की सिलाई को अट्टकत्ति, पांच खंड से एक खंड की गोल सिलाई को मंडल, भीतरी मोड़ को विवट्ट, घुटने पर की सिलाई को जांघेयक, गले की सिलाई को गिवेय्यक और केहुनी पर लगे कपड़ों की सिलाई को बाहन्त कहते थे। सूत से ऊंचे रफू को सुत्तलूख, एक तरफे रफू को विकण्ण, रफू से ऊंचा नीचा हटाने की क्रिया को विकण्णं उद्धरितुं, छोर निकालने को ओकिरिति
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