Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.46
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.46
- Language
- Hindi
c4.46
मौर्ययुग में भारतीय संस्कृति ने खूब उन्नति की । इस युग की वेश भूषा के इतिहास के लिए हमें साहित्य का ही सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि इस युग की मिली मनुष्य मूर्तियां संख्या में बहुत ही कम हैं । इस युग की वेश-भूषा और कपड़ों के इतिहास के लिए महाभारंत सभारर्व और कौटिल्य के अर्थ-शास्त्र में काफी सामग्री है । इन ग्रंथों से यह भी पता चलता है कि भारत और मध्य एशिया से काफी व्यापारिक संबंध था और अफगानिस्तान, बल्ख और ताजिकिस्तान से यहां रेशमी और ऊनी कपड़े, शालें तथा समूर आते थे ।